रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर तीन दिवसीय DGP/IGP कॉन्फ्रेंस (DGP-IG Conference 2025) आज से शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन किया और देश को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने को लेकर बड़ा दावा किया।
'नक्सलवाद से मुक्ति' का लक्ष्य:
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार की सख्त नीतिगत बदलावों और कड़ी कार्रवाई के चलते देश तेजी से नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है।
"अगली DGP/IGP कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।" - अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
नक्सलवाद पर प्रगति के मुख्य बिंदु:
सुरक्षा का दायरा मजबूत: पिछले 7 वर्षों में कुल 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा का ढाँचा मजबूत हुआ है।
प्रभावित जिलों में कमी: 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी, जो अब घटकर केवल 11 रह गई है।
आधुनिक पुलिसिंग और नए कानून:
गृह मंत्री शाह ने देश की पुलिसिंग को आधुनिक बनाने पर जोर दिया और कहा कि सरकार ने इस दिशा में कई मजबूत कदम उठाए हैं।
कानूनी सुधार: NIA, UAPA कानूनों को सुदृढ़ किया गया है, साथ ही तीन नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि ये कदम भारत की पुलिसिंग को विश्व में सबसे आधुनिक बनाएँगे।
PFI पर बैन और नार्को पर प्रहार: उन्होंने PFI पर बैन लगाकर की गई सामूहिक गिरफ्तारियों को केंद्र और राज्य के उत्तम समन्वय का उदाहरण बताया। साथ ही, नारकोटिक्स और संगठित अपराधों पर 360 डिग्री प्रहार करने की बात कही।
शाह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक ऐसा तंत्र बनाया जाए कि देश में नारको व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच भी जमीन न मिल पाए, और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाला जाए।








