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बंगाल में संवैधानिक संकट: चुनाव हारने के बाद भी ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, शनिवार को BJP की नई सरकार का शपथ ग्रहण; क्या लगेगा राष्ट्रपति शासन?

Political 07 May 2026

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक अभूतपूर्व गतिरोध पैदा कर दिया है। चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद, निवर्तमान मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है। वहीं, बीजेपी ने शनिवार को नई सरकार के शपथ ग्रहण की घोषणा कर दी है, जिससे राज्य एक बड़े संवैधानिक टकराव (Constitutional Deadlock) की ओर बढ़ता दिख रहा है।

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ममता बनर्जी का कड़ा रुख: "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी"

चुनाव नतीजों में TMC की करारी हार और खुद ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से शिकस्त के बाद, उम्मीद की जा रही थी कि वे परंपरा के अनुसार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "हम हारे नहीं हैं, यह जनादेश का अपमान है। मैं राजभवन नहीं जाऊंगी और इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता।" ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर पक्षपात और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस परिणाम को स्वीकार नहीं करतीं और इसके खिलाफ कानूनी व राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी।

क्या कहता है कानून? कब तक रह सकती हैं पद पर?

संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। नियमों के मुताबिक:

कार्यकाल की समाप्ति: 7 मई के बाद सदन और वर्तमान सरकार का कानूनी अस्तित्व तकनीकी रूप से समाप्त हो जाता है।

इस्तीफे का प्रावधान: आमतौर पर निवर्तमान मुख्यमंत्री इस्तीफा देकर नई सरकार बनने तक 'केयरटेकर' (कार्यवाहक) के रूप में कार्य करते हैं।

राज्यपाल की शक्ति: यदि मुख्यमंत्री बहुमत खोने के बाद भी इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल के पास यह शक्ति है कि वे उन्हें पद से बर्खास्त कर दें या अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) की सिफारिश करें।

BJP की तैयारी और आगे की राह

बीजेपी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि पार्टी को 294 सदस्यीय विधानसभा में 200 से अधिक सीटें मिली हैं और वे शनिवार को सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यदि ममता बनर्जी तब तक पद नहीं छोड़तीं, तो राज्यपाल द्वारा उन्हें बर्खास्त करने और राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावना प्रबल हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस तेज है कि क्या ममता बनर्जी इस टकराव के जरिए 'विक्टिम कार्ड' खेल रही हैं या फिर यह बंगाल की राजनीति में किसी नए और बड़े मोड़ की शुरुआत है। फिलहाल, पूरे देश की नजरें राजभवन और ममता बनर्जी के अगले कदम पर टिकी हैं।

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