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बंदूक की नोक पर अपहरण और 'शाहरुख खान' का वो सवाल: सूडान के नर्क से लौटे आदर्श की दास्तां...

सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच से लौटे भारतीयों की कई कहानियां सामने आई हैं, लेकिन आदर्श की कहानी सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाली है। आदर्श वहां एक कंपनी में कार्यरत थे, जब अचानक स्थिति बिगड़ी और हथियारबंद लड़ाकों ने उन्हें निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ लोग राइफलें लेकर आए और उन्हें जबरन अगवा कर लिया। उन्हें यह तक नहीं पता था कि उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है और क्या वे जीवित बचेंगे।

50 लोगों के साथ कंटेनर में कैद
आदर्श ने बताया कि अपहरण के बाद उन्हें करीब 50 अन्य लोगों के साथ एक छोटे से लोहे के कंटेनर में ठूंस दिया गया। वहां न तो सही से हवा आ रही थी और न ही पर्याप्त रोशनी थी। भीषण गर्मी और भूख-प्यास के बीच उन्होंने वहां करीब डेढ़ महीना (45 दिन) गुजारा। आदर्श के अनुसार, "वह समय मौत के इंतजार जैसा था। हर पल लगता था कि कोई आएगा और हमें गोली मार देगा।"
"क्या तुम शाहरुख खान के रिश्तेदार हो?"
इस डरावनी कैद के दौरान एक अजीबोगरीब वाकया हुआ। एक लड़ाके ने आदर्श से पूछा कि वह कहाँ का रहने वाला है। जब उन्होंने बताया कि वे भारत (इंडिया) से हैं, तो उस लड़ाके ने उनसे पूछा— "क्या तुम शाहरुख खान के रिश्तेदार हो?" सूडान और अफ्रीकी देशों में बॉलीवुड, खासकर शाहरुख खान की जबरदस्त दीवानगी है। आदर्श बताते हैं कि भारत की पहचान और वहां के कलाकारों के प्रति सम्मान ने शायद उनके प्रति लड़ाकों के व्यवहार में थोड़ी नरमी ला दी, जिससे उन्हें जीवित रहने की उम्मीद मिली।
डेढ़ महीने की कैद और रिहाई
डेढ़ महीने तक किसी कालकोठरी जैसे कंटेनर में रहने के बाद, भारत सरकार के 'ऑपरेशन कावेरी' और स्थानीय संपर्कों के माध्यम से उनकी रिहाई संभव हो पाई। आदर्श जब भारत लौटे, तो उन्होंने अपनी धरती को चूम लिया। उनकी शारीरिक स्थिति काफी खराब हो चुकी थी, लेकिन मानसिक राहत सबसे बड़ी थी। उन्होंने बताया कि वहां अभी भी कई विदेशी नागरिक और स्थानीय लोग ऐसी ही परिस्थितियों में फंसे हुए हैं।
यह कहानी न केवल युद्ध की विभीषिका को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे वैश्विक स्तर पर भारत की 'सॉफ्ट पावर' (सिनेमा और पहचान) कभी-कभी जान बचाने वाले कारक के रूप में भी काम कर सकती है। आदर्श अब अपने परिवार के साथ सुरक्षित हैं, लेकिन उनके जेहन में उस कंटेनर की यादें आज भी ताजा हैं।







