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बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा: चटगांव में हिंदू परिवारों के घर जलाए, हमलावरों को पकड़वाने पर पुलिस देगी इनाम...

बांग्लादेश के चटगांव (Chattogram) जिले के रावजान (Raozan) इलाके में अज्ञात हमलावरों ने अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों के घरों को निशाना बनाया है। ताजा घटना में कतर में काम करने वाले दो भाइयों, सुख शील और अनिल शील के घर को मंगलवार रात आग के हवाले कर दिया गया। डरावनी बात यह है कि हमलावरों ने घर में आग लगाने से पहले दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि अंदर मौजूद लोग बाहर न निकल सकें। घर में मौजूद 8 सदस्यों ने टीन की दीवारें काटकर अपनी जान बचाई।

चटगांव रेंज के पुलिस प्रमुख अहसान हबीब ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घोषणा की कि इन "जघन्य अपराधों" के पीछे शामिल अपराधियों की सटीक जानकारी देने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा। हालांकि, इनाम की राशि का खुलासा अभी नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में एक 'स्पेशल सिक्योरिटी टीम' तैनात की है और अब तक 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में इसी इलाके के तीन अलग-अलग स्थानों पर 7 हिंदू परिवारों के घर जलाए जा चुके हैं। इन हमलों में लोगों के घर, घरेलू सामान और जरूरी दस्तावेज (जैसे पासपोर्ट) पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं। स्थानीय हिंदू समुदाय में इस घटना के बाद भारी दहशत है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस हिंसा की कड़ी निंदा की है और अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और हाल ही में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं से जूझ रहा है। इससे पहले 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि "विश्वास के मतभेद या अफवाहें कभी भी हिंसा का आधार नहीं हो सकतीं" और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भारत में भी इन घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। त्रिपुरा के सीमावर्ती कस्बों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। फिलहाल, रावजान पुलिस स्टेशन के अधिकारी अन्य हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रहे हैं और स्थानीय समुदायों के साथ बैठकें कर शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।







