Breaking
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
- पत्नी से अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउड...
- Crime News: पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सली ने लगाई फांसी, पुलि...
BIG NEWS : 1 फरवरी से सिगरेट–तंबाकू होंगे और महंगे

BIG NEWS : नए साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने सिगरेट समेत सभी तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का बड़ा फैसला लिया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। इसका सीधा असर इन उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा।

सरकार के फैसले के तहत अब सिगरेट पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) के अलावा एक्साइज ड्यूटी भी वसूली जाएगी। अलग-अलग श्रेणी की सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी तय की गई है। ऐसे में हर सिगरेट के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।
इतना ही नहीं, पान मसाला पर भी अब हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया जाएगा। अभी तक तंबाकू उत्पाद 40 प्रतिशत GST और कंपेनसेशन सेस के दायरे में थे, लेकिन अब कंपेनसेशन सेस की जगह एक्साइज ड्यूटी लागू की जा रही है। वहीं बीड़ी पर पहले की तरह 18 प्रतिशत GST ही लगेगा।
सरकार के इस फैसले का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ेगा, क्योंकि अनुमान के मुताबिक भारत में करीब 10 करोड़ लोग सिगरेट का सेवन करते हैं। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में चुइंग टोबैको, जर्दा, सेंटेड टोबैको और गुटखा पैकिंग मशीन से जुड़े नए नियमों को अधिसूचित किया है।
अधिसूचना जारी होते ही तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयर बाजार में असर देखने को मिला। गॉडफ्रे फिलिप्स और आईटीसी जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
टोबैको इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अनुसार, सरकार फिलहाल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों से सालाना करीब 76 हजार करोड़ रुपये का टैक्स जुटाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के मुताबिक सिगरेट की खुदरा कीमत में 75 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए, जबकि भारत में यह फिलहाल करीब 53 प्रतिशत है। सरकार का यह कदम टैक्स हिस्सेदारी बढ़ाने और तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।







