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Budget 2026 Expectations: मध्यम वर्ग को टैक्स में छूट की आस, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर के लिए बड़े ऐलान संभव; जानिए क्या है पिटारे में!...

नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के इस बजट से 'आम आदमी' से लेकर उद्योग जगत तक को काफी उम्मीदें हैं। विशेष रूप से मध्यम वर्ग (Middle Class) इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव और स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस बजट में कंजम्पशन (खपत) बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।

1. इनकम टैक्स: स्लैब में बदलाव और 80C की सीमा
नौकरीपेशा वर्ग को उम्मीद है कि सरकार New Tax Regime को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा को बढ़ा सकती है। वर्तमान में 7.5 लाख रुपये (स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित) तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, जिसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग उठ रही है। इसके अलावा, जानकारों का मानना है कि धारा 80C के तहत निवेश की सीमा, जो पिछले कई वर्षों से 1.5 लाख रुपये पर स्थिर है, उसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किया जा सकता है।
2. रियल एस्टेट: होम लोन ब्याज पर मिले अधिक छूट
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट 2026 काफी अहम माना जा रहा है। डेवलपर्स और खरीदारों की मांग है कि होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख रुपये की कटौती (Section 24b) को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये किया जाए। इससे किफायती आवास (Affordable Housing) की मांग में तेजी आएगी। साथ ही, 'हाउसिंग फॉर ऑल' मिशन को गति देने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के बजट में भी इजाफा कर सकती है।
3. हेल्थकेयर: बुनियादी ढांचे पर जोर
कोरोना काल के बाद से स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता रहा है। उम्मीद है कि बजट 2026 में जीडीपी का 2.5% हिस्सा हेल्थकेयर के लिए आवंटित किया जाएगा। मध्यम वर्ग चाहता है कि 'आयुष्मान भारत योजना' का दायरा बढ़ाया जाए और निजी स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर जीएसटी (GST) की दरों को 18% से घटाकर 5% किया जाए, ताकि आम आदमी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती हो सकें।
4. MSME और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
छोटे व्यापारियों और ग्रामीण इलाकों में रोजगार पैदा करने के लिए सरकार विशेष पैकेज का ऐलान कर सकती है। कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और खाद सब्सिडी के लिए पर्याप्त फंड की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो इसका सीधा असर देश की जीडीपी ग्रोथ पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।







