Breaking

नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल को 'राहत' मिलते ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का हल्लाबोल, जांजगीर में भाजपा कार्यालय का घेराव...

Political 19 December 2025

post

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा ईडी (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताते हुए राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Advertisement

कोर्ट का फैसला: राहत या तकनीकी मोड़?

कोर्ट की टिप्पणी: अदालत ने कहा कि ईडी की जांच एक 'निजी शिकायत' (Private Complaint) पर आधारित है, जबकि कानूनन मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चलाने के लिए किसी अन्य एजेंसी (जैसे पुलिस या सीबीआई) की FIR होना अनिवार्य है। बिना FIR के चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।

कांग्रेस का दावा: कांग्रेस इसे सोनिया गांधी और राहुल गांधी के लिए 'क्लीन चिट' बता रही है। पार्टी का कहना है कि यह साबित हो गया है कि भाजपा सरकार पिछले 10 साल से केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही थी।

भाजपा का रुख: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं (गौरव भाटिया, शहजाद पूनावाला) ने स्पष्ट किया कि यह 'क्लीन चिट' नहीं है। यह केवल एक प्रक्रियात्मक (Procedural) आदेश है, गुण-दोष (Merits) पर आधारित फैसला नहीं। भाजपा का तर्क है कि मुख्य मामला अभी भी अदालत में है और गांधी परिवार अभी भी जमानत पर बाहर है।

जांजगीर में तीखा प्रदर्शन

जांजगीर-चांपा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भाजपा ने वर्षों तक गांधी परिवार की छवि खराब करने की साजिश रची, जिसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक झूमाझटकी भी हुई।

राजनीतिक सरगर्मी

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर राज्य के अन्य जिलों जैसे बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखे गए। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जेपी नड्डा का जांजगीर दौरा प्रस्तावित है। कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए भाजपा को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इसे 'भ्रष्टाचार का उत्सव' करार दे रही है।

फिलहाल, नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत ने ईडी को आगे की जांच के लिए छूट दी है, जिससे कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस को एक बड़ा हथियार मिल गया है।

You might also like!