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राज्यसभा में शोर-शराबे के बीच 'VB-G RAM G' बिल पास: TMC सांसदों ने संसद में दिया धरना, कहा- यह गांधीजी का अपमान है...

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में 'VB-G RAM G' विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। सरकार का दावा है कि यह बिल ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के समावेश के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। हालांकि, विपक्ष ने इस बिल को लेकर तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने इस बिल के पारित होने का कड़ा विरोध करते हुए संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

TMC सांसदों का मुख्य आरोप है कि इस विधेयक का नाम और इसके प्रावधान महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान करते हैं। विपक्ष का तर्क है कि बिल के कुछ क्लॉज (धाराएं) सीधे तौर पर 'ग्राम स्वराज' की अवधारणा को चोट पहुँचाते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्रीकरण करते हैं। धरने पर बैठे सांसदों ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह सरकार गांधीजी का नाम तो लेती है, लेकिन उनकी विचारधारा के विपरीत काम कर रही है। यह बिल किसानों और गरीबों के अधिकारों को छीनने वाला है।"
विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 'VB-G RAM G' बिल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और किसानों की आय को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बढ़ाना है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिल में ऐसा कुछ भी नहीं है जो गरीबों के खिलाफ हो, बल्कि यह बिचौलियों को खत्म कर सीधे ग्रामीणों तक लाभ पहुँचाने की कोशिश है। हालांकि, विपक्षी दलों का मानना है कि इस बिल के जरिए कॉर्पोरेट घरानों को ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक दखल देने का मौका मिलेगा।
संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दल इस बिल को पुनर्विचार के लिए संसदीय समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया। विपक्षी एकजुटता और इस विरोध प्रदर्शन ने सत्र के आगामी दिनों के लिए भी तनाव बढ़ा दिया है। अब यह देखना होगा कि इस बिल के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के बाद किसानों और ग्रामीण समुदायों की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है।







