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चांदी की तूफानी तेजी: 2 दिन में ₹32,000 की रिकॉर्ड उछाल, पहली बार ₹3.20 लाख के करीब पहुंचा भाव....

Business RRT News Desk 20 January 2026

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भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में चांदी की कीमतों ने मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जिसने निवेशकों और आम जनता को हैरान कर दिया है। चांदी की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस हफ्ते के शुरुआती दो कारोबारी दिनों में ही 1 किलोग्राम चांदी ₹32,000 से ज्यादा महंगी हो गई है। मंगलवार को बाजार खुलते ही चांदी ₹3,19,949 प्रति किलोग्राम के नए ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई।

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दो दिन में ₹32,187 की भारी बढ़त

बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन चांदी का वायदा भाव ₹2,87,762 पर बंद हुआ था। लेकिन सोमवार और मंगलवार के कारोबार में इसमें तूफानी तेजी देखी गई। आंकड़ों के मुताबिक, दो दिनों के भीतर चांदी में कुल ₹32,187 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सराफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में इस तरह की एकतरफा तेजी पहले कभी नहीं देखी गई, जो अब ₹3 लाख की मनोवैज्ञानिक सीमा को पार कर ₹3.20 लाख की ओर बढ़ रही है।

सोना भी ₹1.45 लाख के पार

चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी लगातार बढ़ रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,45,775 के स्तर पर खुला। पिछले दो दिनों में सोने की कीमतों में भी करीब ₹5,479 का उछाल आया है। ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों के सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर बढ़ते रुझान के कारण पीली धातु भी लगातार नए शिखर को छू रही है।

क्यों लगी है चांदी में 'आग'?

चांदी की इस बेतहाशा तेजी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर इंडस्ट्रियल डिमांड, विशेषकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की भारी खपत ने इसकी कीमतों को हवा दी है। इसके अलावा, चीन के बाजारों में बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) ने भी कीमतों में इस रिकॉर्ड तोड़ उछाल में घी डालने का काम किया है।

आम आदमी की जेब पर असर

शादियों के सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की इन कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। जो चांदी पिछले साल तक ₹1 लाख के नीचे थी, वह अब ₹3 लाख के पार जा चुकी है। ज्वेलर्स का मानना है कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले समय में चांदी आम ग्राहकों की पहुंच से दूर हो सकती है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह चांदी काटने जैसा समय है क्योंकि उन्हें कम समय में ही मल्टीबैगर रिटर्न मिला है।

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